बदायूँ : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर चिकित्सा अधिकारी
डॉ० शिवम वर्मा ने योग के प्रति जागरूक करते हुए इसके इतिहास और महत्व के बारे में बताया उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल साल 2014 में हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरुआत की थी संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी जी ने योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा जिसके बाद 11 दिसंबर 2014 को हर वर्ष 21 जून के दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने की घोषणा कर दी गई मई 2015 से यह हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है

आज के आधुनिक दौर में व्यस्तता के बीच शरीर को निरोग और स्वस्थ रखने में योग सभी की मदद करता है शारीरिक और मानसिक प्रकार की सभी बीमारियों को शरीर से दूर रखने के साथ ही योग सभी के जीवन पर पॉजिटिव प्रभाव छोड़ता है रोजाना योग करने से शारीरिक और मानसिक ऊर्जा में विकास होने के साथ ही तनाव और डिप्रेशन भी कम होता है योग करना स्वस्थ जीवन की ओर रखा हुआ एक महत्वपूर्ण कदम है योग करने से शरीर कई बीमारियों से दूर रहता है साथ ही चेहरे पर सौंदर्य भी झलकता है भरपूर एनर्जी के लिए नियमित योग करना जरूरी है योग का मतलब है जोड़ना ,खुद में ऊर्जा का समाहित करना शरीर, मन और आत्मा को मजबूत और खूबसूरत बनाना। योग शरीर को ही बीमारियों से मुक्त ही नहीं करता योग मानव को मानसिक एवं बौद्धिक स्तर पर सशक्त करता है मानव को शांत और ओजस्वी बनाता है इसी के साथ डॉ० शिवम वर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने के साथ ही लोगों को शुभकामनाएं देते हुए योग करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नहीं होती है उनको कोई बीमारी, जो योग करने की करते हैं समझदारी, सुबह हो या शाम रोज कीजिए योग ,निकट ना आएगा आपके कोई रोग।
