अलीगढ़/छर्रा : भारत के आदर्श श्री भगवान विष्णु अवतार श्री राम का अयोध्या से भ्राता लखन माता श्री जानकी के साथ वन वास के लिए अयोध्या वासियों का रो रो कर बुरा हाल है माताएं दुखी है पिता श्री दशरथ अपने तीनों लाडलो के लिए तडफ रहे है राम के भाई सुमंत को भेजा कि किसी भी प्रकार से राम लखन सीता को अयोध्या वापस लौटा कर लाओ लेकिन लाख जतन के बाद भी जब श्री भगवान अयोध्या नही लौटे
सुमंत जी ने जब पिता श्री को बताया तो हे राम हे हे लक्ष्मण हे सीते बेटा राम बेटा लखन बेटी सीता कहते कहते पुत्र बयोग में अयोध्या नरेश प्रतापी न्याय प्रिय राजा दसरथ ने प्राण त्याग दिए राज्य की सारी प्रजा दुखी है सभी शांत है कोई किसी बोल नही रहा राम लीला देखने बालो में जब अयोध्या नरेश बिलाप कर रहे थे तब दर्शनार्थी रोके से भी आंसू नही रोक पा रहे थे चित्र कूट पर भारत मिलाप देख लोग दुख के मारे तिलमिला रहे थे राम जैसा आदर्श इस धरा पर आज तक न हुआ न होगा रामलीला के बाद राम और श्याम नाटक का भी विमोचन किया कलाकार तो कलाकार ही होता है अयोध्या के कलाकारो द्वारा आदर्श रामलीला देख सराहना करने लगे तथा तुलसी कृत रामायण जी हर चौपाई मानव जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है
