बदायूँ : 27 दिसम्बर। अमरदीप वर्मा, सहायक आयुक्त, राज्यकर/ प्रभारी पूर्व मनोरंजन अनुभाग ने अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) अधिनियम 1955 की धारा-3 के अनुसार जिन साधनों के संचालन हेतु जिला मजिस्ट्रेट से लाइसेंस/अनुमति अपेक्षित है उन साधनों को संचालन से पूर्व जिला मजिस्ट्रेट से लाइसेंस/अनुमति प्राप्त किये बिना आयोजित/संचालित नहीं किया जाएगा। धारा-4-क(1) के अनुसार, कोई मनोरंजन, जिसपर कर उदग्रहणीय हो चाहे वह कर भुगतान करने के दायित्व से मुक्त हो या न हो जिला मजिस्ट्रेट की पूर्वानुमति प्राप्त किये बिना आयोजित/ संचालित नहीं किया जाएगा। नववर्ष व मेले आदि तथा अन्य अवसरों के उपलक्ष्य में ऐसे मनोरंजन आयोजित होते हैं, जिनके संचालन हेतु नियमानुसार विभागीय नियमावली के अधीन जिला मजिस्ट्रेट से लाइसेंस अथवा अनुमति प्राप्त किया जाना अनिवार्य होता है।

किसी भी प्रकार के मनोरंजन के साधनों के संचालन किये जाने से पूर्व विभागीय ऑनलाइन पोर्टल up-gst.com/entertainmenttax पर आवेदन के साथ ही आवश्यक अनापत्ति औपचारिकताओं व प्रमाण-पत्र आदि अभिलेख अपलोड किया जाता है। इस पोर्टल पर आवेदन व समस्त वांछित अभिलेख अपलोड एवं उक्त की पुष्टि एवं प्रभाणन की उपरान्त पूर्व मनोरंजन कर कार्यालय की आख्या के साथ वांछित अनुमति हेतु जिला मजिस्ट्रेट को पत्रावली अग्रसारित की जाती है। जनपद के समस्त होटल, रेस्टोरेन्ट एवं बैकटलॉन, आदि के संचालकों को उन्होंने निर्देशित किया है कि वह अपने प्रतिष्ठान में इस प्रकार के किसी भी मनोरंजन के साधन का आयोजन करने से पूर्व जिला मजिस्ट्रेट से विहित प्रक्रिया के अन्तर्गत लाइसेंस/अनुमति प्राप्त करना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित प्रतिष्ठान के संचालकों के विरूद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्वंय प्रतिष्ठान के संचालक की होगी।

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