*Press Release : 1*

 

*योग के प्रति प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों में उत्पन्न किया सामूहिकता और जागरुकता का भाव: श्री भूपेन्द्र यादव*

*राम-राज का मतलब सबके लिये समानता और राजा हो सेवक: श्री भूपेन्द्र यादव*

*योग दिवस के सामूहिक संकल्प को बनाये अपने नियमति जीवन का हिस्सा:भूपेंद्र यादव*

*प्रतिदिन योग से भारत बनेगा स्वस्थय औऱ आत्मनिर्भर: श्री भूपेन्द्र यादव*

*दुनिया भर की तनाव अशांति और कोलाहल को दूर कर सकता है योग: श्री भूपेन्द्र यादव*

केंद्रीय श्रम, रोजगार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने राम की पैड़ी, अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लोगों में योग के प्रति सामूहिकता और जागरुकता का भाव पैदा किया है। उन्होंने कहा कि पावन स्थली अयोध्या का समाज और दुनिया में एक प्रेरणा स्थल के रुप में आदर रहा है. अयोध्या का संदेश राम राज्य की कल्पना है जिसमें सब के लिये समानता के अवसर हो ,राजा जनता का सेवक के रुप में कार्य करें। केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज आधुनिक भारत एसे ही निर्माण पथ पर आगे बढ रहा है, जिसका उद्दश्य है- पूरे देश में सबका साथ,सबका विकास और सबका विश्वास की संकल्पना को साकार करना और योग भी उसी का संदेश देता है।

श्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि आज जिस तरह से हम सभी एकत्रित होकर योग के प्रति अपनी श्रद्धा और विश्वास की अभिव्यक्ति कर रहे है वह प्रशंसनीय है।उन्होंने कहा कि योग के प्रति अगर यह अभिव्यक्ति इच्छाशक्ति में इस तरह परिवर्तित हो जाये कि योग हमारी नित-प्रतिदिन दिनचर्या का आधार बन जाये तो भारत सिर्फ स्वस्थ ही नहीं होगा बल्कि आत्मनिर्भरता के सपने की ओर भी अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से हम दुनिया भर में व्याप्त तनाव,अशांति और कोलाहल को खत्म कर सकते हैं। श्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि दुनिया में मनुष्य जिस तरह से अपने सृजनात्मक विषयों के द्वारा समाज में अच्छा योगदान दे सकता है, सभी लोग स्वास्थय की संकल्पना कर सकते हैं उस जीवन पद्दति का नाम योग है। केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक अनुशासन नहीं है।.योग के जो अष्टमार्ग पतांजलि ने बताये हैं– यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि ।यम के द्वारा हम अपने अंदर नैतिकता का विकास कर।ते हैं,नियम के द्वारा शुद्द आत्मिक आचरण करते हैं,आसन के द्वारा उन शारीरिक क्रियाओं का संचालन करते हैं जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखती है।श्री यादव ने कहा कि और जब हम प्राणायाम करते हैं तो अपनी श्वास के माध्यम से हम अपने शरीर की भावनाओं का नियंत्रण करते हैं।

केंद्रीय श्रम, रोजगार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि योग एक ऐसी जीवन पद्दति है जो समाज के सभी वर्गो के लिये है।समाज के सभी आयु श्रेणी के लोगों के लिये है।उन्होंने कहा कि योग और सूर्य नसम्कार की क्रिया से स्वास्थय को अच्छा रखने का संकल्प न केवल व्यक्तिगत रुप से बल्कि समाज के लिये भी आवश्यक है।योग निरोग रहने का मंत्र है।

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