सिद्धार्थ गौतम शिक्षण एवं संस्कृति समित द्वारा संचालित डॉ बी आर अंबेडकर जन्मशताब्दी महाविद्यालय और श्री प्यारेलाल आदर्श इंटर कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पखवाड़ा प्राध्यापक श्री राजवीर सिंह की अध्यक्षता में मनाया गया।

सर्वप्रथम प्राचार्य और श्री राजवीर सिंह के कर कमलों द्वारा तथागत गौतम बुद्ध डॉक्टर अंबेडकर के चित्र के समीप दीप प्रज्वलित पुष्प अर्पित कर छात्राओं के द्वारा वंदना की गई छात्राओं ने स्वागत गीत गाकर हिंदी पखवाड़ा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छात्र उमेश कुमार व बोबी कुमार ने “हिंदी है हमारी शान ” नाम से कविता प्रस्तुत की। कंचन, रजनी मोना ,संगीता ,प्रियंका, प्रीति ज्योति ,साधना, गुंजन इत्यादि हिंदी कविताएं और गाने प्रस्तुत किए छात्रों में किशन कुमार , रवि कुमार ,सनी कुमार ,आकाश पुनीत इत्यादि ने हिंदी विषय पर कविता और भाषण प्रस्तुत किए हैं।

डॉक्टर दिनेश कुमार हिंदी को देश की शान और अभिमान बताया। हरिओम मोहन ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा हिंदी की आज जो निम्न दशा हैं उसके लिए शासन प्रशासन जिम्मेदार है देश वासी जिम्मेदार हैं। इसके विकास के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

प्रधानाचार्य मेघ सिंह ने कहा कि आज भारतवर्ष में हिंदी पखवाड़ा मनाया जा रहा है सरकार को हिंदी के विकास के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। अध्यापक मक्खन सिंह, अमानत अली बॉबी कुमार गौतम, हेमा कुमारी फराना, अमरीन, इकरा,रवी कुमार, अनिल कुमार समी इत्यादि ने हिंदी के पर्याप्त विकास के लिए सरकार द्वारा ठोस कदम उठाने का पर बल दिया।

प्राचार्य सत्य प्रकाश ने कहा हिंदी भारत की आधिकारिक भाषा है जिसे संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को अपनाया था पहली बार 1953 में सरकार द्वारा हिंदी दिवस मनाए जाने की घोषणा की गई है । भारतीय संविधान में अनुच्छेद 343 से 351 तक हिंदी से संबंधित प्रावधान हैं । आज हिंदी विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में अंग्रेजी ,स्पेनिश व मंदारिन के बाद चौथे नंबर पर हिंदी आती है। हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा के रूप में प्रयोग किया जाना चाहिए। “एक दिन ऐसा भी आएगा हर तरफ हिंदी का परचम लहराएगा । इस राष्ट्रभाषा का हर ज्ञाता विद्वान भारतवासी कहलाएगा।”

संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे श्री राजवीर सिंह ने कहा हिंदी देश का मान है सम्मान है पहचान है इसलिए सरकार को संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार राष्ट्रभाषा का दर्जा दे देना चाहिए।

संगोष्ठी के अंत में राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया संगोष्ठी का संचालन कार्यक्रम अधिकारी सत्य प्रकाश ने किया है।

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