कानपुर   : अगर आपको प्रधानमंत्री आवास आवंटित हुआ है तो यह भी जान लें कि इसमें पांच साल रहना होगा अन्यथा आवंटन निरस्त हो जाएगा। हकीकत यह है कि अभी जिन आवासों का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट टू लीज कराकर सौंपा जा रहा है या जो लोग यह एग्रीमेंट भविष्य में कराएंगे उसे रजिस्ट्री कतई न समझें। पांच साल में देखा जाएगा कि आपने इन आवासों का इस्तेमाल किया है या नहीं। अगर इनमें रह रहे होंगे तभी इस एग्रीमेंट को लीज डीड में तब्दील किया जाएगा। अन्यथा विकास प्राधिकरण आपके साथ किए गए एग्रीमेंट को भी खत्म कर देगा। इसके बाद आपके द्वारा जमा की गई रकम भी वापस नहीं होगी।

अभी 10900 से ज्यादा एग्रीमेंट होने बाकी

प्रदेश में केडीए ही पहला विकास प्राधिकरण है जहां रजिस्टर्ड एग्रीमेंट टू लीज के तहत लोगों को आवास में रहने के अधिकार सौंपे जा रहे हैं।  केडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह की पहल पर लगे कैंप में पहले चरण में 60 लोगों के साथ एग्रीमेंट किया गया है। अभी 10900 से ज्यादा आवंटियों के साथ इसी आधार पर एग्रीमेंट होना है।

कभी भी फ्री होल्ड नहीं होंगे फ्लैट

नियम और शर्तों के मुताबिक कभी भी शहरी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए फ्लैट फ्री होल्ड नहीं होंगे। पांच साल बाद भी लोगों को लीज पर ही रहना होगा। अगर किसी आवंटी की मौत हो जाती है तो यह प्रावधान होगा कि परिवार के सदस्य को ही लीज हस्तांतरित होगी। किसी और परिवार के साथ केडीए कोई एग्रीमेंट नहीं करेगा।

—-

प्रदेश में पहली बार केडीए ने ही पीएम आवास के रजिस्टर्ड एग्रीमेंट टू लीज की शुरुआत की है। इस एग्रीमेंट के तहत आवंटियों को 5 साल तक आवासों का इस्तेमाल करना होगा। इसके बाद आवासों की लीज बहाल की जाएगी। – अरविंद सिंह, उपाध्यक्ष केडीए

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *