ओम नमः शिवाय्-
*प्राचीन श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर, अचलपुर* ग्राम पंचायत अचलपुर के समीप अतरंजीखेड़ा स्थित प्राचीन श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर मिरहची मरथरा मार्ग के मध्य अचलपुर गांव पर स्थित है। इस मंदिर पर गांव के शिव भक्तों की आस्था का सबसे खासा जुड़ाव रहा है। दोपहिया, चार पहिया वाहनों के अलावा पैदल भी यहां बड़ी सुलभता से पहुंचा जा सकता है।

*मंदिर का इतिहास-*
अचलपुर गांव के अतरंजीखेड़ा स्थित प्राचीन श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों में शुमार किया जाता है। मंदिर के पुजारी श्यामसुंदर मिश्रा ने इसका इतिहास बताते हुये कहा कि उनके गांव अचलपुर स्थित अतरंजीखेड़ा किला के राजा बैनचक ने ईश्वर से मिली प्रेरणा से लगभग 1000 वर्ष से भी पूर्व सतयुग में इस मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर में शिवलिंग और नंदेश्वर महाराज की मूर्तियां विराजमान हैं। इस मंदिर को प्राचीन अचलेश्वर महादेव मंदिर के नाम से पुकारा जाता है। लगभग 100 वर्ष पूर्व मंदिर के महंत बाबा गड़बड़ दास ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार गांव के लोगों के सहयोग से कराया था। वर्तमान में मंदिर के मुख्य ट्र्स्टी श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि वह दो तीन वर्ष के अंतराल में महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर की रंगाई पुताई कराते रहते हैं।
*मंदिर की विशेषता-*
जमीन से लगभग 100 फीट की ऊंचाई पर स्थित उत्तर मुखी इस मंदिर में स्थित सवा दो फीट ऊंचा शिवलिंग सैकड़ों वर्ष पुराना है। लोगों में मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु शिवलिंग को अपनी बांहों के आलिंगन में भर लेता तो उसकी सभी मनोकामनायें पूर्ण होती हैं। यह भी मान्यता है कि इस मंदिर पर जो भी श्रद्धालु गंगाघाट से गंगाजल भरकर कांवड़ चढ़ाता है तो उसकी भी सभी मनोकामनायें पूर्ण होती हैं।
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मंदिर में शिवलिंग और नंदेश्वर महाराज की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर की पौराणिकता और आस्था का दूसरा पहलू बहुत सत्य है। इस मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि अगर वह शिव मंदिर में बिना पूजा अर्चना किये कोई नवीन कार्य करते हैं तो उसमें उनको कोई न कोई व्यवधान का सामना करना पड़ता है। गांव के लोगों का यह मानना भी है कि मंदिर की पूर्ण मनोयोग से सेवा करने वाले श्रद्धालुओं की मन मांगी मन्नत भी पूरी होती है।
*श्यामसुंदर मिश्रा, मुख्य ट्र्स्टी*
सैकड़ों वर्ष पुराने इस मंदिर की दैवीय शक्तियों के प्रमाण किसी से छिपे नहीं रहे हैं। गांव के श्रद्धालुओं में पौराणिक शिव मंदिर के प्रति बहुत आस्था है। इस द्वार पर सच्चे मन से मांगी गयी हर मनौती, भगवान भोले नाथ अवश्य पूरी करते हैं। शिव की कृपा से बहुत लोगों के कष्ट निवारण भी हुये हैं।
