सीओ सिटी की निगरानी में अब तक 69 रोड एक्सीडेंट दर्ज कर हो रहा है विश्लेषण

कासगंज: राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र-एनआईसी एवं आईआईटी मद्रास के सहयोग से एक मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया गया है। इस मोबाइल एप इराड-इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस, के द्वारा क्षेत्र में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का डाटाबेस तैयार कर दुर्घटना के कारणों का विश्लेषण करते हुये भविष्य में दुर्घटनायें रोकने की रणनीति तैयार की जा सकेगी।

एनआईसी के जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मौ0 सिबतैन ने बताया कि भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही मुहिम में चार विभागों पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन एवं हाइवे के आपसी सामंजस्य से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में भूमिका को प्रभावी बनाने और इनकी जिम्मेदारी तय करने में सहायता मिलेगी।

डिस्ट्रिक्ट रोलआउट मैनेजर इजहार अली द्वारा परियोजना से सम्बन्धित विभागों के अधिकारी, कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  15 मार्च 2021 से इराड एप- इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस को जनपद कासगंज में लाइव किया जा चुका है। इस परियोजना में पुलिस विभाग द्वारा दुर्घटना ग्रस्त स्थान पर पहुंच कर इराड मोबाइल एप्लीकेशन द्वारा दुर्घटना से सम्बन्धित समस्त सूचनायें भरी जायेंगी एवं सड़क दुर्घटना में इलाज से सम्बन्धित स्वास्थ्य सेवायें तत्काल स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जायेंगी।

जनपद कासगंज में इस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी तौर पर सी0ओ0 आर0के0 तिवारी के नेतृत्व मे पुलिस विभाग की ओर से डाटा फीडिंग का कार्य निरंतर किया जा रहा है। जनपद कासगंज में अब तक 69 रोड एक्सीडेंट की एण्ट्री इराड एप पर दर्ज हो चुकी है।

 

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