कासगंज: वाणिज्यिक, औद्योगिक और सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्ताओं के लिए शासन द्वारा 5000.00 रजिस्ट्रेशन शुल्क निर्धारित
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबन्धन परिषद का गठन किया गया है। जिसका उददेश्य गुणवत्तापरक भूजल की आपूर्ति समान रूप से निरन्तर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उ0प्र0 भूगर्भ जल प्रबन्धन और विनियमन अधिनियम 2019 लागू किया गया है। अधिनियम के प्राविधानों के समुचित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु उ0प्र0 प्रबन्धन और विनियमन नियमावली 2020 भी जारी की चुकी है। भूगर्भ जल के अन्तर्गत रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र निर्गमन, आदि कार्य हेतु किया गया है, इन सेवाओं के पारदर्शितापूर्ण क्रियान्वयन हेतु एक वेब पोर्टल http://upgwdonline.in विकसित किया गया है पोर्टल के संचालन हेतु लघु सिंचाई एवं भूर्गभ जल विभाग को नोडल नामित किया जा चुका है, रजिस्टेªेशन आद्यौगिक वाणिज्यिक एवं सामूहिक भूजल उपभोक्ता को वेब पोर्टल http://upgwdonline.in पर अपने अपने नलकूप का ऑनलाईन रजिस्टेशन एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य हो गया है। वाणिज्यिक, औद्योगिक और सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्ताओं के लिए शासन द्वारा 5000.00 रजिस्ट्रेशन शुल्क निर्धारित किया गया है, साथ ही उक्त उपभोक्ताओं को निकाले गये भूजल का शुल्क भी अदा करना होगा, उक्त उपभोक्ताओं को अपनी प्रत्येक बोरिंग पर डिजिटल फलोमीटर लगाना होगा, जिससे उनके द्वारा भूजल जल उपभोक्ताओं को कोई रजिस्टेªशन शुल्क नहीं देय है, परन्तु नलकूप का ऑनलाईन रजिस्टेªशन कराना अनिवार्य है, अधिसूचित क्षेत्रों हेतु प्राविधान जनपद कासगंज विकास खण्ड कासगंज को अधिसूचित क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया, भूगर्भ जल के वर्तमान वाणिज्यिक व्यवसायिक औद्योगिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक (जैसे आर0ओ0 प्लान्ट, कार धुलाई केन्द्र उपभोक्ताओं को अपनी बोरिंग हेतु एन0ओ0सी0 एवं पंजीकरण कराना अनिवार्य, वाणिज्यिक व्यवसायिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक भूर्गभ जल उपभोक्ताओं हेतु भूजल निकासी की सीमा का निर्धारण तथा भूजल दोहन हेतु शुल्क का प्राविधान किया गया है।
गैर अधिसूचना क्षेत्रों हेतु प्राविधानों में जनपद कासगंज के विकास खण्ड सोरों, अमांपुर, सहावर, सिढ़पुरा, गंजडुण्डवारा व पटियाली को गैर अधिसूचित क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है। भूगर्भ जल के वर्तमान वाणिज्यिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक, थोक, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को अपनी बोरिंग का पंजीकरण कराना अनिवार्य है, भूगर्भ जल के वाणिज्यिक, औद्योगिक, एवं सामूहिक भूर्गभ जल उपभोक्ताओं को भूजल निकास हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिये आवेदन कराना होगा और साथी भूजल निकासी की सीमा तय करते हुये शुल्क अदा करना होगा।
भूगर्भ जल अधिनियम 2019 एवं नियमावली 2020 का पालन न करने पर अपराध के अन्तर्गत दण्ड का प्राविधान किसी भी व्यवसायिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक यूजर्स द्वारा प्राविधानों के उल्लंघन की स्थिति में दण्ड प्रस्तावित है जिसमें घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं पर कोई दण्ड प्रस्तावित नहीं है, परन्तु नलकूप का ऑनलाईन रजिस्टेªेशन कराना अनिवार्य है, प्रथम अपराध हेतु रू0 02 लाख से 05 लाख अर्थदण्ड अथवा 06 माह से 01 वर्ष का कारावास अथवा दोनों, अपराध की पुनरावृत्ति पर प्राधिकार पत्र निरस्त करने हेतु उपरोक्त दण्ड को दोगुना किया जायेगा, यदि किसी व्यवसायिक औद्योगिक अवसंरचात्मक एवं सामूहिक द्वारा प्रवाह किये जाने वाला अपशिष्ट भूजल को किसी प्रकार से दूषित करता है, तो यह गम्भीर अपराध की श्रेणी में माना जायेगा, इस दोषपूर्ण कृत्य हेतु अथदण्ड अथवा कारावास अथवा दोनो का प्राविधान किया गया है, भूजल हेतु दोषी पाये जाने की स्थिति में प्रथम अपराध हेतु 02 वर्ष 03 वर्ष का कारावास एवं 5 लाख से 10 लाख अर्थदण्ड, अपराध की पुनरावृत्ति पर 05 वर्ष से 07 वर्ष का कारावास तथा 10 लाख से 20 लाख का अथदण्ड, भूगर्भ जल (प्रबन्धन और विनियमन) अधिनियम 2019 में अध्याय दस के नियम 46 में दिये गये प्राविधानों के अनुसार बिना एन0ओ0सी0/रजिस्टेªशन के भूजल निकासी के लिये संम्बन्धित फर्मो को 15 दिन का नोटिस दिया जायेगा, यदि उनके द्वारा एन0ओ0सी/रजिस्टेªशन नही कराया जाता है तो वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
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