कासगंज : सिढ़पुरा के गांव नगला धीमर में सिपाही की हत्या और दरोगा को गंभीर रूप से घायल कर देने का मुख्य आरोपित कच्‍ची शराब के माफिया मोती को अखिर पुलिस ने घटना के 11 दिन बाद मुठभेड़ में ढेर कर दिया। आरोपित के कब्जे से दरोगा की लूटी गई पिस्टल एवं एक तमंचा खोखा और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। मोती एक लाख का इनामी था। मुठभेड़ रविवार तड़के हुई। शहीद सिपाही के स्‍वजनों ने कहा है कि पुलिस ने उनके बेटे की शहादत का बदला ले लिया है।

सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के गांव नगला धीमर में बीती नौ फरवरी को कच्ची शराब माफियाओं ने सिढ़़पुरा थाने के आरक्षी देवेंद्र कुमार की हत्या कर दी थी और दरोगा अशोक कुमार सिंह को घायल कर दिया था। घटना के आरोपित एक आरोपित मोती के भाई एलकार को पुलिस ने 10 फरवरी को सुबह नगला धीमर से लगभग एक किलोमीटर दूर पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। मुख्य आरोपित मोती पुलिस को चकमा देकर भाग गया था। तब से पुलिस निरंतर गंगा एवं काली नदी की कटरी में मोती की गिरफ्तारी के कांबिंग कर रही थी। अारोपित पर एडीजी आगरा जोन ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। शनिवार रात लगभग ढाई बजे पुलिस की सूचना मिली कि करतला रोड पर काली नदी के पास जंगलों में मोती और उसके साथी छिपे हुए हैं। पुलिस ने बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कटरी में कांबिंग की तो यहां बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की गोली से मोती गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे कासगंज के जिला अस्पताल में भेजा गया। जहां परीक्षण के बाद चिकित्‍सक लव कुमार ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपित के कब्जे से उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह की लूटी गई पिस्टल, एक तमंचा 315 बोर तथा खोखा और कारतूस बरामद हुए हैं।

———

सिपाही की हत्या का मुख्य आरोपित से पुलिस की लगभग तीन बजे करतला रोड पर काली नदी के किनारे मुठभेड़ हुई। जिसमें पुलिस की गोली लगने से मोती गंभीर रूप से घायल हुआ। जिसे अस्पताल भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित किया है।

मनोज कुमार सोनकर, एसपी

ये था मोती का आपराधिक इतिहास

कच्ची शराब का अवैध कारोबार करने वाला मोती सिढ़पुरा थाने का एक्टिव हिस्ट्रीशीटर था। वह थाने की टाप टेन की सूची में पहले नंबर पर था।उसके तीन भाई भी इसी अवैध काम में लिप्त थे। पुलिस रिकार्ड के अनुसार, सिढ़पुरा में नगला धीमर निवासी मोती पुत्र हुब्बलाल के खिलाफ सबसे पहला मुकदमा वर्ष 2013 में महिला से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने का दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ वर्ष 2013 में ही गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की। वर्ष 2014 में मोती के खिलाफ युवती को अगवा करने का मुकदमा दर्ज हुआ। वर्ष 2015 में फिर पुलिस ने उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी। इसी के साथ उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोल दी गई। वर्ष 2015 में मोती के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ और वर्ष 2017 में तमंचा बरामद कर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस दौरान उससे चोरी का माल बरामद होने का दूसरा मुकदमा भी पुलिस ने दर्ज कर लिया था। वर्ष 2019 में आबकारी अधिनियम के दो और वर्ष 2020 में आबकारी अधिनियम के तहत एक मुकदमा दर्ज  ।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *