शोभित प्रताप सिंह
उसहैत / बदायूँ : वन विभाग की मिलीभगत के चलते दिन दहाड़े हरे भरे पेड़ों का कटान जारी है। जिसके कारण हरे भरे पेड़ों की संख्या लगातार घटती जा रही है। काटे गये पेड़ों की लकड़ी टैक्टर ट्राली से लादकर बदायूँ जनपद में चिरान पर भेजी जा रही है।
उसहैत उसावां नगर के आसपास फैले हरे भरे पेड़ इन दिनों अवैध रूप से हरे वृक्षों को दिन दहाड़े काटा जा रहा है। ऐसा लगता है कि सुबह से लेकर शाम तक माफिया वृक्षों पर कुल्हाड़ी चलवाते है और लकड़ी को एक निश्चित स्थान पर डंप करते है। उसके बाद लकड़ी को टैक्टर ट्राली में लादी जाती है और वन विभाग के इशारे पर टैक्टर हाईवे व नगर के राजमार्ग से निकलते है। लकड़ी भरे टैक्टर आम आदमी को तो दिखाई देते है लेकिन टैक्टर न तो वन विभाग को दिखाई दे रहा है । इस अवैध कटान को रोकने व पर्यावरण को देखते हुए सरकार हरे भरे पेड़ो को काटने से रोक लगा रही है कटान पर अंकुश लगाने इसके बावजूद ईधर
उधर के पीछे, नौगांवा नसीननगर, रिजोला ,के जंगलों में नजर डाले तो एक भी छायादार वृक्ष नही दिखायी देते। जिसके नीचे बैठकर धूप व गर्मी से बचा जा सके। जबकि एक दशक पूर्व इन जंगलों में नीम, जामुन, खजूर, बरगद, पीपल, के बड़े-बड़े वृक्ष लगे थे जो लोगों को शीतलता प्रदान करते थे। लेकिन अवैध कटान व वन विभाग की मिलीभगत के चलते जंगल का नामो निशान मिट गया और जो पड़े बचे है उन पर भी संकट छाया है। वन क्षेत्राधिकारी हुकुम सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर कार्यवाही की जाएगी।मामला संज्ञान में नही है
