बदायूं : प्राचीन मान्यता के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा को संस्कृत का प्राकट्य हुआ था, तब से आजतक संस्कृत दिवस मनाया जाता है। संस्कृत भारती के सदस्यों ने हिन्दू जूनियर हाईस्कूल बदायूं में संस्कृत दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ अश्विनी भारद्वाज प्रबंधक जीबी पंत महाविद्यालय, राष्ट्रीय ब्राह्मण चेतना परिषद के जिलाध्यक्ष पंडित प्रदीप दुबे तथा डॉ अवस्थी ने सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन किया।
सोमवार को कार्यक्रम के दौरान संस्कृत भारती के नगर संरक्षक डॉ. राधेश्याम अवस्थी ने संस्कृत दिवस की परंपरा, अर्वाचीनता, आवश्यकतादि विषय पर अपना वक्तव्य सुनाया। संस्कृति भारतीय साहित्य प्रमुख रामप्रकाश शास्त्री ने संस्कृत का महत्त्व बताते हुए कहा कि हम सबसे पहले अपने घर का वातावरण संस्कृतमय बनाए।
सर्वेश कुमार ने संस्कृत गीत तथा क्षरणता व उपादेयता पर कथन किया। आचार्य शब्देन्दु ने देवभाषा में कार्यक्रम का संचालन तथा संस्कृत के संरक्षण, संवर्द्धन और जन जन तक संस्कृत को पहुंचाने का उपाय बताया। इस मौके पर अजय मिश्र, सर्वेंद्र पाठक, प्रमोद मिश्रा, प्रशांत मिश्र, अमन भारद्वाज, अभय भारद्वाज, नकुल भारद्वाज, आयुष भारद्वाज, डा. प्रतिभा मिश्रा मौजूद थीं।
