बदायूं (सू0वि0) । जिलाधिकारी दीपा रंजन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर यशपाल सिंह, एसपीआरए सिद्धार्थ वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी राम जनम, जिला दिव्यांगजन अधिकारी संतोष कुमार सहित अन्य सदस्यों के साथ समिति महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष की बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में आयोजित की।
डीएम ने निर्देश दिए कि समिति को चयनित प्राप्त प्रकरणों में कार्रवाई कर पीड़ितों को शासन से आर्थिक लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास यह है कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को भी समाज की मुख्यधारा में शामिल कर राष्ट्र के विकास में उनका योगदान सुनिश्चित किया जाए। महिला सम्मान कोष की मदद से हिंसा पीड़ित महिलाओं एवं उनके आश्रितों के साथ-साथ आर्थिक रूप से निर्बल महिलाओं की शैक्षिक एवं चिकित्सीय सुविधा हेतु आर्थिक सहायता दिये जाने का भी प्रावधान है। महिला सम्मान कोष का उद्देश्य किसी भी तरह की पीड़ित महिलाओं और युवतियों को हर तरह की मदद देना है। एसिड अटैक, बलात्कार या घरेलू हिंसा के मामलों के बाद महिलाओं को न सिर्फ मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ता है, बल्कि इलाज पर भी काफी खर्च करना पड़ता है। इसके बाद उन्हें जीवन यापन में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। महिला सम्मान कोष के जरिये यूपी सरकार हिंसा या अन्य अपराध से पीड़ित महिलाओं को समाज में सम्मान के साथ जीने में मदद करती है।
महिला सम्मान कोष से मदद पाने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसमें जिस महिला को मदद दी जानी है, उस इलाके के नोडल पुलिस ऑफिसर पीड़ित की जानकारी वेबसाईट पर अपलोड करते हैं। इसके बाद इलाके के नोडल मेडिकल ऑफिसर पीड़ित की मेडिकल रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड कर उसे जिला समिति के पास फॉरवर्ड कर देते हैं। इसके बाद समिति उस मामले पर विचार और चर्चा कर उसे संबंधित बैंक से वेरिफिकेशन कर ट्रेजरी ऑफिस भेज देती है। इसके बाद जरूरी मंजूरी मिलते ही मदद की राशि पीड़ित महिला के बैंक अकाउंट में पहुंच जाती है।
