बदायूँ शिखर सम्वाददाता

बदायूँ । प्रभारी जिलाधिकारी/ मुख्य विकास अधिकारी ऋषिराज की अध्यक्षता में मिन्ट (मैन्था) उत्पादक एवं व्यापारी सम्यक् विचार-विमर्श एवं उद्यान विभाग में संचालित योजनाएं पीएमकेएसवाई, आरकेवीवाई, एससीपी, पीएमएफएमई, नमामि गंगे योजना हेतु बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत की गई।

बैठक में जिला उद्यान अधिकारी/उप निदेशक उद्यान, बरेली मण्डल, बरेली पूजा द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद बदायूॅ में मिन्ट (मैन्था) की खेती लगभग 30570 हेक्टेयर में होती है। जनपद में बड़े पैमाने पर लेमनग्रास व पामरोजा की भी खेती की जा रही है। साथ ही पीएमएफएमई योजनान्तर्गत मैन्था इण्डस्ट्रीज के विस्तारीकरण पर 35 प्रतिशत का अनुदान देय है। पीएमकेएसवाई योजनान्तर्गत ड्रिप इरीगेशन सिस्टम मैन्था फसल में लगाने हेतु 90 प्रतिशत व 80 प्रतिशत अनुदान देय है। आरकेवीवाई योजनान्तर्गत 0.4 हेक्टेयर कार्यक्रम पर 40 प्रतिशत अनुदान देय है। नमामि गंगे योजनान्तर्गत गंगा किनारे चयनित ग्रामों में बागवानी हेतु कृषकों को निःशुल्क पौध आम, अमरूद, करौंदा, नींबू आदि उपलब्ध करायी जायेगी। साथ ही प्रति माह रू0 3000/- प्रति हेक्टेयर की दर से कृषक को अनुदान देय होगा। उपस्थित कृषकों को आरकेवीवाई योजनान्तर्गत पातगोभी, फूलगोभी, शिमला मिर्च, मसाला मिर्च, टमाटर आदि कार्यक्रम एवं पीएमकेएसवाई योजनान्तर्गत मैन्था फसल व अन्य फसलों में ड्रिप सिस्टम लगवाने हेतु कृषकों को पंजीकरण कराने हेतु प्रेरित किया गया। व्यापारी वर्ग से स्वामी प्रकाश कैमिकल्स, बदायूॅ के द्वारा मिन्ट इण्डस्ट्रीज विस्तारीकरण प्रस्ताव शीघ्र ही प्रस्तुत करने हेतु आश्वासन दिया गया। आरकेवीवाई योजनान्तर्गत चयनित प्याज कार्यक्रम लाभार्थियों को मुख्य विकास अधिकारी से प्याज बीज वितरण कराया गया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मैन्था व्यापारियों व उत्पादकों की समस्याओं का निराकरण कराने एवं उत्थान हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करने हेतु जिला उद्यान अधिकारी/उप निदेशक उद्यान, बरेली मण्डल, बरेली को निर्देशित किया गया। साथ ही मैन्था व्यापारी/मैन्था उत्पादकों का व्हाट्सअप गु्रप बनाने हेतु निर्देशित किया गया। अन्त में जिला उद्यान अधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारी गण, व्यापारी वर्ग व कृषक बन्धुओं का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर बैठक में जिला उद्यान अधिकारी/उप निदेशक उद्यान, बरेली मण्डल, बरेली, उप कृषि निदेशक, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, मैन्था व्यापारी वर्ग व मैन्था उत्पादक कृषक आदि उपस्थित रहे।

 

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