- -महाशक्ति भस्म का मुरादाबाद, चंदौसी, बिसौली में हुआ स्वागत
- -शक्तिपीठ पर ‘‘प्रखर प्रज्ञा-सजल श्रद्धा‘‘ की प्राण प्रतिष्ठा के लिए प्रज्ज्वलित हुई अखंड ज्योति, चलेगा जप
बदायूँ । शांतिकुंज हरिद्वार से देर रात गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर देवस्थापना चित्र के साथ आई महाशक्ति भस्म का आत्मीय परिजनों ने वेदमंत्रोच्चारण कर पूजन और आरती की जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया। प्रखर प्रज्ञा-सजल श्रद्धा की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अखंड ज्योति भी प्रज्ज्वलित की।
शांतिकुंज में शैलवाला पण्डया दीदी द्वारा विश्व कल्याण की भावना, धरती पर स्वर्ग के अवतरण और मानव में देवत्व के उदय का भावभरा संदेश दिया गया। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकंुज की देवकन्या दीप्ति शर्मा, श्रष्ठी शर्मा और शिवानी सैनी ने महाशक्ति भस्म को सिर पर धारण कर शांतिकुंज तीर्थ में भ्रमण कराया। आत्मीय परिजनों ने गंगा जल का अभिसिंचन और पुष्प वर्षा की गई।
जिला समंवयक नरेंद्र पाल शर्मा के नेतृत्व में गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी (एडवोकेट) अनिल कुमार राठौर, सुखपाल शर्मा, रघुनाथ सिंह, कोषाध्यक्ष रामचंद्र प्रजापति शांतिकंुज से देवस्थापना चित्र और महाशक्ति भस्म के साथ देर रात गायत्री शक्तिपीठ पहंुचे। माया सक्सेना, राजेश्वरी, सचिन देव, संजीव कुमार शर्मा ने शक्तिपीठ के मुख्य द्वार पर वेदमंत्रोच्चारण कर पूजन और आरती की। इसके बाद जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया।
जिला समंवयक श्री शर्मा ने बताया कि देवस्थापना चित्र के साथ आई महाशक्ति भस्म का मुरादाबाद, चंदौसी, बिसौली आदि अनेकों स्थानों पर पूजन के बाद भव्य स्वागत किया गया। गायत्री शक्तिपीठ पर शांतिकुंज हरिद्वार की तर्ज पर बनीं ‘‘प्रखर प्रज्ञा-सजल श्रद्धा‘‘ की प्राण प्रतिष्ठा होने तक मुख्य पूजा वेदी पर देवस्थापना चित्र के साथ महाशक्ति भस्म स्थापित की गई है। अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई है। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान महाशक्ति भस्म ‘‘प्रखर प्रज्ञा-सजल श्रद्धा‘‘ में स्थापित की जाएगी। प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व आत्मीय परिजनों द्वारा अखंड ज्योति के समक्ष गायत्री मंत्र और महामृत्यंुजय मंत्र का जप नियमित चलेगा। जिससे ईश्वरीय सत्ता के संरक्षण में संकल्पों को पूरा करने की शक्ति और सामर्थ्य मिले। नवंबर के महीने में शांतिकुंज से तिथियां मिल जाएंगी।
