बदायूँ शिखर सम्वाददाता

बदायूँ। युवा संकल्प सेवा समिति के तत्वधान में शुक्रवार को दुर्गा मंदिर निकट पुरानी चुंगी बदायूं पर मकर संक्रांति पर्व पर हवन कर खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सभासद नन्हे लाल कश्यप व भाजपा के युवा मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री पारस गुप्ता उपस्थित रहे। सभी लोगों ने यज्ञ में आहुति डालकर विश्व कल्याण की कामना की और यह फैल रहे कोरोना से बचाव के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

संस्था के सचिव पुनीत कुमार कश्यप ने मकर संक्रांति पर्व की विशेषताएं बताएं उन्होंने कहा कि जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब वह दक्षिणायण से उत्तरायण होते हैं। इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन से शीत ऋतु की विदाई शुरू हो जाती है। इस नक्षत्रीय परिवर्तन पर देशभर और समाज में यह पर्व अलग-अलग नामों से जाना जाता है और हर राज्य में इसे मनाने के लिए उत्साह रहता है।

संस्था के कोषाध्यक्ष योगेंद्र सागर ने कहा की यह माना जाता है कि भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्‍वयं उनके घर जाते हैं और शनि मकर राशि के स्‍वामी है। इसलिए इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। पवित्र गंगा नदी का भी इसी दिन धरती पर अवतरण हुआ था, इसलिए भी मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता हैं।

संस्था के सदस्य धर्मवीर कश्यप ने कहा कि ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति की खिचड़ी चावल, काली दाल, हल्दी, मटर और हरी सब्जियों का विशेष महत्व है।खिचड़ी के चावल से चंद्रमा और शुक्र की शांति का महत्व है. काली दाल से शनि, राहू और केतु का महत्व है, हल्दी से बृहस्पति का संबंध है और हरी सब्जियों से बुध का संबंध है। वहीं जब खिचड़ी पकती है तो उसकी गर्माहट का संबंध मंगल और सूर्य देव से है। इस प्रकार लगभग सभी ग्रहों का संबंध खिचड़ी से है, इसलिए मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने और दान का महत्व अधिक होता है।

इस मौके पर निखिल गुप्ता, मुनीश  कुमार, योगेश पटेल, अरविंद कुमार, नरेश कश्यप, अभिषेक गुप्ता, जोनी कश्यप, देवांशु मिश्रा, नितिन कश्यप, एलकार सिंह, मुनीश वर्मा, विवेक कुमार आदि संस्था के लोग उपस्थित रहे।

 

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