लंदन, एजेंसी। ब्रिटेन ने अमेरिका से गुजारिश की है कि वह काबुल से लोगों को निकालने के अभियान की समयसीमा को 31 अगस्त से आगे बढ़ाए क्योंकि बिना अमेरिका के किसी भी देश के पास अफगानिस्तान से भाग रहे लोगों की मदद करने वाले अभियान को रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन मंगलवार को ब्रिटेन द्वारा बुलाई गई समूह (जी) सात के नेताओं की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन पर दबाव डाल सकते हैं।

ब्रिटेन में कुछ सैन्य अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका के अफगानिस्तान से जाने के बाद ब्रिटेन को अपने सैनिकों को काबुल हवाई अड्डे पर तैनात रखना चाहिए ताकि लोगों को निकालने के अभियान को जारी रखा जा सके। सशस्त्र बल मंत्री जेम्स हेप्पी ने सोमवार को कहा कि अमेरिका की मदद के बिना वहां से लोगों को नहीं निकाला जा सकता है, और यह कठोर वास्तविकता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका को अफगानिस्तान में रुकने के लिए राजी किया जा सकता है या नहीं, इस पर जी-7 की बैठक में प्रधानमंत्री बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान के साथ समझौते को भी आगे बढ़ाने की जरूरत है।

बाइडन ने लोगों को हवाई मार्ग से निकालने के अभियान को 31 अगस्त की तारीख से बढ़ाने से इनकार नहीं किया है, लेकिन उम्मीद जताई है कि ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

गौरतलब है कि 31 अगस्त तक अमेरिका अपने सभी सैनिकों को अफगानिस्तान से वापस बुला लेगा, जहां अब तालिबान ने कब्जा कर लिया है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *