मास्को, एजेंसी : रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को आरोप लगाते हुए कहा कि हमने शुक्रवार को एक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत को उसके जल क्षेत्र में घुसपैठ करने से रोक दिया। रूस ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने युद्धपोत के द्वारा जापान सागर के उसके जल क्षेत्र में घुसपैठ करने का प्रयास किया। वहीं मंत्रालय ने इस घटना के बाद कहा कि अमेरिकी नौसेना को रूसी जल क्षेत्र से वापस जाने को लेकर बार- बार चेतावनी दी गई जिसे नजरअंदाज करने के चलते रूसी युद्धपोत को अमेरिकी युद्धपोत का पीछा करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी युद्धपोत ने बाद में अपना रास्ता बदल लिया और वापस लौट गया।
रूस का आरोप- अमेरिका हेलीकॉप्टर लॉन्च करने की फिराक में था
रूसी मंत्रालय ने आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिकी युद्धपोत चेतावनी के बाद भी नहीं हट रहा था क्योंकि उस समय वह अपने डेक से एक हेलीकॉप्टर लॉन्च करने की तैयारी कर रहा था। रूस ने कहा कि इस तरह की गतिविध के दौरान युद्धपोत की गति में किसी भी कीमत पर बदलाव नहीं की जा सकती। लेकिन जब हमने अपने युद्धपोत से खदेड़ा तो वे इस काम में विफल हो गए और वापस लौट गए। गौरतलब है कि चार महीने में यह दूसरी बार है जब रूस ने कहा है कि उसने अपने जलक्षेत्र से नाटो-सदस्यीय युद्धपोत का पीछा किया। जून में, रूस ने एक ब्रिटिश युद्धपोत पर क्रीमिया से काला सागर में अपने क्षेत्रीय जल में घुसपैठ करने का आरोप लगाया था। हालांकि ब्रिटेन ने रूस के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि उसका जहाज यूक्रेन के पानी में कानूनी रूप से चल रहा था।
अमेरिका ने रूस के दावे को किया खारिज
अमेरिकी नौसेना ने रूस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि निर्देशित युद्धपोत चाफी जापान के सागर में नियमित संचालन कर रहा था। लेकिन रूस को गलतफहमी हुई कि हम किसी अवैध गतिविध को अंजाम दे रहे हैं। बता दें कि रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संबंध शीत युद्ध के बाद के निचले स्तर पर हैं, हालांकि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि इस सप्ताह उन्होंने अपने अमेरिकी समकक्ष जो बाइडन के साथ एक ठोस संबंध स्थापित किया और संबंधों में सुधार की संभावना देखी।
