नयी दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को नौ वर्षीय दलित लड़की की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री ने बच्ची के परिवार के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा भी की। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हमारी बच्ची वापस नहीं आ सकती। परिवार के साथ हुआ अन्याय दुर्भाग्यपूर्ण है और उसकी भरपाई नहीं हो सकती लेकिन सरकार परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देगी और मजिस्ट्रेट जांच का आदेश देगी।’’

उन्होंने कहा, ‘ ‘दिल्ली में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। मैं केंद्र सरकार से इस दिशा में कड़े कदम उठाने की अपील करता हूँ।’’

एक ट्वीट में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दोषियों को सजा सुनिश्चित करने के लिए शीर्ष वकीलों को नियुक्त करेगी। बच्ची के माता-पिता ने बड़ी संख्या में जुटे लोगों के साथ दक्षिण पश्चिम दिल्ली के पुराना नांगल इलाके में घटनास्थल पर धरना दिया और दोषियों को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की।

पुलिस ने सोमवार को कहा था कि बच्ची अपने माता-पिता के साथ गांव में श्मशान घाट के सामने किराए के घर में रहती थी। रविवार शाम साढ़े पांच बजे वह अपनी मां को सूचित कर श्मशान घाट में लगे पानी के कूलर से ठंडा पानी लेने गई थी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शाम छह बजे श्मशान घाट के पुजारी राधेश्याम और बच्ची की मां को जानने वाले दो-तीन अन्य लोगों ने उसे वहां बुलाया और बेटी का शव दिखाकर दावा किया कि कूलर से पानी लेने के दौरान करंट लगने से उसकी मौत हो गई। उसकी बाईं कलाई और कोहनी के बीच जलने के निशान थे और उसके होंठ भी नीले पड़ गए थे।

अधिकारी ने बताया कि पुजारी और अन्य लोगों ने उसकी मां को पुलिस को सूचना देने से मना करते हुए कहा कि पुलिस मामला बना देगी और पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सक बच्ची के अंगों को चुरा लेंगे, इसलिए उसका अंतिम संस्कार करना बेहतर है।

पुलिस ने सोमवार को बताया कि बच्ची की मां के बयान के आधार पर प्राथमिकी में दुष्कर्म के आरोप भी जोड़े गए हैं। पुजारी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

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