नई दिल्ली : कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को चार कोयला ब्लॉक की नीलामी के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह नीलामी नीति के अनुसार की जाएगी। ये कोयला ब्लॉक तेलंगाना में सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) के पास स्थित हैं। एससीसीएल एक सरकारी कोयला खनन कंपनी है जिसमें राज्य और केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 51:49 इक्विटी के आधार पर है।
शून्य काल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के सांसद एन उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना के लोग इन चार कोयला ब्लॉकों की नीलामी पर कड़ी आपत्ति जता रही है। रेड्डी ने इस नीलामी रद्द करने की मांग की और कहा कि ये ब्लॉक कंपनी को आवंटित किए जाएं। उन्होंने दावा किया कि इस समय एससीसीएल के 50 हजार कर्मी हड़ताल पर हैं, इससे रोज उसे 120 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
कर्मियों की हड़ताल को बताया राज्य प्रायोजित
वहीं, केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा, अब नीलामी का प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्यों को आवंटन और आवेदन निमंत्रण के लिए नोटिस जारी हो चुका है। सब नियम के अनुसार ही हो रहा है और मनमाने ढंग से कुछ भी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह बी कहा कि यूपीए सरकार के दौरान की आवंटन नीति के अनुसार काम नहीं किया जाएगा। वहीं हड़ताल को लेकर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि दुर्भाग्य से यह राज्य प्रायोजित है।
तथ्यों से परे है कांग्रेस सासंद का बयान: जोशी
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस सांसद का बयान असल स्थिति से कहीं दूर है। उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि नीलामी का फैसला त्रुटिपूर्ण और आपत्तिजनक है, इसे रद्द किया जाना चाहिए और कोयला ब्लॉक एससीसीएल को आवंटित किए जाने चाहिए। कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि कंपनी तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु के थर्मल पावर स्टेशनों की कोयला जरूरतों को पूरा करती है।
